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लाइब्रेरियन डा. बी.के सिंह, इलाहाबाद विश्वविद्यालय

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 दिनांक 24 फरवरी 2020 को ई-कंटेंट निर्माण और मुक्त शैक्षणिक संसाधनों पर इलाहाबाद विश्वविद्यालय के मानव संसाधन विकास केंद्र द्वारा संचालित सात दिवसीय कोर्स का दूसरा दिन रहा. शहर और देश के विभिन्न कालेजों और विश्वविद्यालयों से आये प्रतिभागियों ने दो सत्र में वक्ताओं का व्याख्यान सुना. प्रथम सत्र में इलाहाबाद विश्वविद्यालय केंद्रीय पुस्तकालय के लाइब्रेरियन डा. बी.के सिंह ने अपना व्याख्यान “मुक्त शैक्षणिक संसाधन” विषय पर दिया. इस विषय पर बोलते हुए उन्होंने पुस्तकालय विज्ञान में मुक्त संसाधनों और श्रोतों के महत्व पर अपने विचार रखे. उन्होंने कहा कि अब ओपन एक्सेस पुस्तकालयों का समय है जहां ज्ञान भौतिक सीमाओं के परे एक मुक्त स्थान में विचरण करता है. कोर्स के दूसरे सत्र में इलाहबाद विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग के प्रोफ़ेसर आशीष सक्सेना ने “सूचना और सम्प्रेषण तकनीक का राष्ट्रीय स्तर पर विकास” विषय पर व्याख्यान दिया. इस व्याख्यान के माध्यम से उन्होंने यह बताया कि नयी तकनीक जितनी लाभकारी होती है उतना ही उसे लेकर सतर्क रहने की भी आवश्यकता है. इस उत्तर आधुनिक युग में सभी मूल्यों को परखा जाना चाहिए. कोई एक मूल्य सर्वोपरि है ऐसा नहीं है. ऑनलाइन कोर्स और ई-कंटेंट विकास के क्षेत्र में भी यह बात समझनी अनिवार्य है.

February 24, 2020 was the second day of the seven days short term course on “MOOCs, e-content development and open educational resources” conducted under the aegis of the UGC_Human Resource Development Center, University of Allahabad. Two lectures were conducted on the second day. The first lecture was delivered by Dr. B.K. Singh, Librarian, University of Allahabad on the topic- “Open Educational Resources.” Dr. Singh emphasized the importance of open content and resources in the library sciences. He reiterated that today we are living in the era of open access libraries that are not bounded by library buildings and knowledge resides at a free to access space. In the second session of the course, Prof. Ashish Saxena, Head, Department of Sociology, University of Allahabad delivered a lecture on the topic- “Emerging Trends of ICT Enabled Development in India: A Critique.” In his lecture Prof. Saxena emphasized on the issue that the new technology is no doubt very important and user friendly but as the user of this technology we need to be more cautious. This is more like a double edged sword. He further said that in this post-modern era each and every value needs to be evaluated and re-evaluated. This needs to be understood in the context of online courses and e-content development.  

नोडल आफिसर/कुलसचिव, जाॅच समिति, इ0वि0वि0ः
मानव संसाधन विकास मंत्रालय के पत्रांक 32/12/2016/डेस्क (यू0) दिनंाक 21 जनवरी 2020 द्वारा पूर्व कुलपति डा0 रतन लाल हांगलू के खिलाफ प्रशासनिक और वित्तीय अनियमितताओं एवं विश्वविद्यालय प्रबन्धन से सम्बन्धित शिकायतों के लिए गठित तीन सदस्यीय जाॅच समिति के निर्देशानुसार इस कार्यालय द्वारा निर्गत सूचना दिनांक 06 फरवरी 2020 के क्रम में प्राप्त शिकायतों के सन्दर्भ में समस्त प्रत्यावेदनकर्ता/शिकायतकर्ता/सम्बन्धित को सूचित किया जाता है कि यदि वे  अपनी लिखित शिकायत एवं उसके साथ प्रस्तुत साक्ष्य के अतिरिक्त कोई अन्य लिखित साक्ष्य अथवा मौखिक कथन समिति के समक्ष उपस्थित होकर प्रस्तुत करना चाहते है तो वे दिनंाक 13 मार्च 2020 को पूर्वान्ह 11ः30 बजे से सायं 5ः00 बजे के मध्य एवं 14 मार्च 2020 को प्रातः 9ः00 बजे से सायं 5ः00 बजे के मध्य इलाहाबाद विश्वविद्यालय अतिथि गृह में समिति के समक्ष स्वयं उपस्थित होकर प्रस्तुत कर सकते हैं।