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Director, Sports Board, AU:
The registration for selection and trials of Allahabad University Taekwondo  ( Men & Women) team for Inter University Taekwondo Tournament 2019-20 will be held on 19/02/2020 to 20/02/2020 at 10:00am  in the office of the Sports Boards, AU. All the interested Players of the University and its constituent college are required to report with latest Identity Cards and fee receipt.
 
संयोजक, राजभाषा कार्यान्यन समिति  
इलाहाबाद विश्वविद्यालय राजभाषा अनुभाग के तत्वावधान में दिनांक 20.02.2020 को "अंतरराष्ट्रीय मातृ भाषा दिवस के आयोजन केे अवसर पर माननीय कुलपति महोदय की अध्यक्षता में गोष्ठी का आयोजन किया गया हैं।
कार्यक्रम  समय स्थान
गोष्ठी 12:00 नार्थहाॅल, इलाहाबाद विश्वविद्यालय 
 उक्त कार्यक्रम में आप सादर आमंत्रित हैं। 
 
परीक्षा नियंत्रक, इ0वि0वि0ः

·         बी0एड0, एम0एड0, एम0वोक, एम0बी0ए0, एम0बी0ए0(आर0डी0), एम0पी0एड0 द्वितीय एवं चतुर्थ सेमेस्टर के परीक्षा के अर्ह सत्र 2019-20 के भूतपूर्व छात्र/छात्राओं को सूचित किया जाता है कि वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत दिनांक फरवरी 19, 2020 से मार्च 06, 2020 तक अपने आवेदन पत्र एवं शुल्क सम्बन्धित इकाई/विभागों में जमा करें।

·         बी0टेक0 (द्वितीय, चतुर्थ, छठा एवं आठवाँ सेमेस्टर) परीक्षा के अर्ह सत्र 2019-20 के भूतपूर्व छात्र/छात्राओं को सूचित किया जाता है कि वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत दिनांक फरवरी 19, 2020 से मार्च 06, 2020 तक अपने आवेदन पत्र एवं शुल्क सम्बन्धित विभाग/इकाई में जमा करें।

·         बी0सी0ए0, एम0सी0ए0, बी0ए0 इन मीडिया स्टडी, बी0ए0 इन फैशन डिजाइन, बी0वोक0 एवं बी0एफ0ए0 द्वितीय चतुर्थ एवं छठा सेमेस्टर के परीक्षा के अर्ह सत्र 2019-20 के भूतपूर्व छात्र/छात्राओं को सूचित किया जाता है कि वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत दिनांक फरवरी 19, 2020 से मार्च 06, 2020 तक अपने आवेदन पत्र एवं शुल्क सम्बन्धित इकाई/विभागों में जमा करें।

·         बी0पी0ए0 प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय वर्ष, बी0म्यूज तृतीय वर्ष सत्र 2019-20 के भूतपूर्व छात्र/छात्राओं को सूचित किया जाता है कि वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत दिनांक फरवरी 19, 2020 से मार्च 06, 2020 तक अपने आवेदन पत्र एवं शुल्क सम्बन्धित इकाई/विभागों में जमा करें।

·         पी0जी0डी0सी0ए0 द्वितीय सेमेस्टर सत्र 2019-20 के भूतपूर्व छात्र/छात्राओं को सूचित किया जाता है कि वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत दिनांक फरवरी 19, 2020 से मार्च 06, 2020 तक अपने आवेदन पत्र एवं शुल्क सम्बन्धित इकाई/विभागों में जमा करें।

·         बी0एड0, एम0एड0, एम0वोक, एम0बी0ए0, एम0बी0ए0(आर0डी0), एम0पी0एड0 द्वितीय सेमेस्टर सत्र 2018-19 के द्वितीय परीक्षा हेतु अर्ह छात्र/छात्राओं को सूचित किया जाता है कि वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत दिनांक फरवरी 19, 2020 से मार्च 06, 2020 तक अपने आवेदन पत्र एवं शुल्क सम्बन्धित इकाई/विभागों में जमा करें।

·         बी0टेक0, बी0एफ0ए0 (द्वितीय, चतुर्थ एवं छठा सेमेस्टर) परीक्षा के अर्ह सत्र 2018-19 के द्वितीय परीक्षा हेतु अर्ह छात्र/छात्राओं को सूचित किया जाता है कि वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत दिनांक फरवरी 19, 2020 से मार्च 06, 2020 तक अपने आवेदन पत्र एवं शुल्क सम्बन्धित इकाई/विभागों में जमा करें।

·         बी0सी0ए0, एम0सी0ए0, बी0ए0 इन मीडिया स्टडी, बी0ए0 इन फैशन डिजाइन एवं बी0वोक0 द्वितीय एवं चतुर्थ सेमेस्टर सत्र 2018-19 के द्वितीय परीक्षा हेतु अर्ह छात्र/छात्राओं को सूचित किया जाता है कि वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत दिनांक फरवरी 19, 2020 से मार्च 06, 2020 तक अपने आवेदन पत्र एवं शुल्क सम्बन्धित इकाई/विभागों में जमा करें।

Head, Department of Sociology, AU:
Public lecture on “Emerging Concerns and Challenges of Rural Development: Insight from Rural India”
The Department of Sociology, University of Allahabad, organized its 20th Public Lecture on Emerging Concerns and Challenges of Rural Development: Insight from Rural India” by Prof. Diwakar Singh Rajput”, Head of department of Sociology, Dr. Harisingh Gour University, Sagar, Madhya Pradesh, on February 18, 2020. The session was chaired by Prof. Ashish Saxena, the Head of Department of Sociology. At the outset, Dr. Muneer Illath introduced the guest and gave a brief overview of the highlighted achievements of the department. Prof. Diwakar Singh Rajput provided sociological analysis towards the concerns and challenges of rural development. He highlighted relevance of various sociologists like Durkheim, Lombrosso, Sutherland and others. He emphasized upon the excessive use of technology and the changing life style in the urban areas having its bearing on rural society. He also discussed difference between crime and deviance and how rural deviance is different from urban deviance. Prof. Rajput also emphasize on not only on just reading sociology but also living sociology in applied manner. He also shared his academic and administrative experiences in Madhya Pradesh. Prof. summed up his lecture by narrating about his field experiences by giving live examples about value degradation and moral density. The public lecture was attended by faculty, research scholars and post-graduate students of Sociology in large numbers. Mr. Aditya Mishra, Research Scholar, Department of Sociology, offered formal vote of thanks.
विभागाध्यक्ष, समाजशास्त्र विभाग, इ0वि0वि0ः
‘‘ग्रामीण विकास में उभरती चिंताएँ और चुनौनियाँः ग्रामीण भारत का अन्तर्दृष्टि विश्लेषण’’ पर सार्वजनिक व्याख्यान
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग ने अपने 20वें सार्वजनिक व्याख्यान का आयोजन ग्रामीण विकास में उभरती चिंताएँ और चुनौनियाँः ग्रामीण भारत का अन्तर्दृष्टि विश्लेषण’’ पर ’’प्रो0 दिवाकर सिंह राजपूत’’, विभागाध्यक्ष, समाजशास्त्र विभाग, डाॅ0 हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर, मध्य प्रदेश, फरवरी 18, 2020 को किया गया। सत्र की अध्यक्षता समाजशास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो0 आशीष सक्सेना ने की थी और डाॅ0 मुनीर इलाथ ने अतिथि का परिचय दिया और विभाग की मुख्य उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। प्रो0 दिवाकर सिंह राजपूत ने ग्रामीण विकास की चिंताओं और चुनौनियों के प्रति समाजशास्त्रीय विश्लेषण किया। उन्होंने विभिन्न समाजशास्त्रियों जैसे दुर्खीम, लोम्ब्रोसो, सदरलैंड और अन्य की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में प्रौद्योगिकी के अत्यधिक उपयोग और शहरी क्षेत्रों में बदलती जीवन शैली पर जोर दिया। उन्होंने अपराध और विचलन के बीच अंतर पर चर्चा की और बताया कि ग्रामीण अवमूल्यन शहरी विचलन से अलग कैसे है। प्रो0 राजपूत ने न केवल समाजशास्त्र पढ़ने पर, बल्कि समाजशास्त्र को जीवन में लागू करने के तरीकों पर भी जोर दिया। उन्होंने मध्य प्रदेश में अपने शैक्षणिक और प्रशासनिक अनुभवों को भी साझा किया। प्रो0 ने मूल्य में गिरावट और नैतिक घनत्व के बारे में जीवंत उदाहरण देकर अपने क्षेत्र के अनुभवों के बारे में बताते हुए अपने व्याख्यान का सारांश दिया। सार्वचनिक व्याख्यान में बड़ी संख्या में संकाय, अनुसंधान विद्वानों और समाजशास्त्र के स्नातकोत्तर छात्रों ने भाग लिया। श्री आदित्य मिश्र, शोध छात्र, समाजशास्त्र विभाग कि तरफ से औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन दिया।