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Important notice regarding closure of the University on 13th Feb 2019
 
अपरिहार्य कारणों से कल इलाहाबाद विश्वविद्यालय कैंपस पूरी तरह से बंद रहेगा।
जिन विभागों में परीक्षाएं हैं, वे स्थागित की जाती हैं, उनकी अगली सूचना जल्द ही दी जायेगी।
 
कल की छुट्टी के कारण 30 मार्च 2019 शनिवार को विश्वविद्यालय में अतिरिक्त कार्य दिवस होगा।
 
विश्वविद्यालय से संबध्द समस्त कॉलेजों में कल शैक्षणिक कार्य होंगे।
 
 
 
किसानों के लिए मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के बायोटेक्नोलोजी विभाग में विभागाध्यक्ष प्रो. एम्. पी. सिंह द्वारा किसानों के लिए मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण हेतु कार्यशाला का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम की अध्यक्षता विज्ञान संकाय के संकायाध्यक्ष एवं आई.आई.डी.एस. के निदेशक प्रो. जगदम्बा सिंह ने की. कार्यक्रम के  शुरुआत में प्रो. एम्. पी. सिंह ने संकायाध्यक्ष प्रो. जगदम्बा सिंह, बायोटेक्नोलोजी विभाग के सहयोगी प्रो. शान्तिसुन्दरम एवं एवं दूर दराज से आये किसानों का  स्वागत किया.
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. जगदम्बा सिंह ने ‘लेब तो लैंड’ कार्यक्रम के लिए बायोटेक्नोलोजी विभाग एवं विभागाध्यक्ष प्रो. एम्. पी. सिंह को बधाई दी तथा उन्होंने कहा की इस तरह के कार्यक्रम दर्शाता है कि विश्वविद्यालय शिक्षण, शोध के आलावा आम आदमी से सरोकार रखता है.
रंगीन छायाचित्र के माध्यम से प्रो. एम्. पी. सिंह सभी को मशरूम की रंगीन दुनिया में ले गए एवं विस्तार से जानकारी दिए. उन्होंने कहा मशरूम कुकुरमुत्ता, खुम्ब, छत्राकम, छत्रम आदि नामों से जाना जाता है. इसमें प्रोटीन की मात्रा सोयाबीन एवं अंडे के बराबर है तथा विटामिन एवं मिनरल्स प्रचुर मात्रा में पाया जाता है. उन्होंने कहा किसान मशरूम की खेती कर अपनी आमदनी बढ़ाकर आर्थिक स्थिति सुदृढ़ कर सकता है तथा कुपोषण एवं गरीबी से निजात पा सकता है.
प्रो. एम्. पी. सिंह के शोध छात्र एवं छात्राएं कृष्णा गुप्ता, स्वेता मौर्या, विवेक चतुर्वेदी, रवि पाठक, अपराजिता तिवारी, सुशील दुबे, दिव्या मिश्रा एवं निधि सिंह ने कार्यक्रम में आये दो दर्जन से ज्यादा किसानों को मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण दिया. कार्यक्रम के अंत में प्रो. शान्तिसुन्दरम ने सबको धन्यवाद ज्ञापित किया.
Mushroom cultivation training for farmers
A Mushroom Production Training workshop for farmers was organized in the Centre of Biotechnology by Prof. M.P. Singh, Coordinator, Centre of Biotechnology, University of Allahabad. Prof. Jagdamba Singh, Dean, faculty of Sciences and Director, IIDS presided the programme. In the beginning of the training programme Prof. M.P. Singh welcomed Prof. Jagdamba Singh, Prof. Shanthy Sundaram and all the participant farmers. This was followed by address of Prof. Jagdamba Singh who congratulated the organizer for ‘Lab to Land’ programme and said that he hopes that this will be of immense use farmers.
Prof. M.P. Singh described the different types of mushroom ranging from edible mushrooms to medicinal and poisonous mushrooms through power point presentation. He said that there are about more than 2000 types of edible mushroom found all over the world of which button and oyster mushroom are most popular. The protein content in mushroom is at par with egg and soya bean hence, mushroom can act as an effective weapon against malnutrition.  Mushroom cultivation can increase the income of farmers, provide employment to women and unemployed youth.

The research scholars of Prof. M.P. Singh, Krishna Gupta, Sweta Maurya, Vivek Chaturvedi, Ravi Pathak, Aprajita Tiwari, Sushil Dubey, Divya Mishra and Nidhi Singh provided ‘hands on training to cultivate mushroom’ to more than two dozen participating farmers.