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Head, Department of Physical Education, AU

 
 
 
‘‘हिन्दी हमारे देश की आत्मा है।’’ - प्रो0 हाँगलू
राजभाषा कार्यान्वयन समिति, इलहाबाद विश्वविद्यालय की ओर से आयोजित राजभाषा पखवाड़े एवं ‘‘मीडिया और हिन्दी’’ विषयक कार्यशाला में उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता कुलपति प्रो0 आर0 एल0 हाँगलू ने करते हुए कहा कि हिन्दी हमारे देश की आत्मा है। हिन्दी भाषा लगभग 50 बोलियों का संगम है। यह दरिया की तरह है। आज हिन्दी को खतरा बाहर से कम, हिन्दी के भीतर से अधिक है। इसे हिन्दी भाषियों को समझना होगा। हमें अपनी साझी विरासत की रक्षा करनी होगी। कुलपति ने कहा कि हिन्दी भाषियों को समशना होगा। हमें अपनी साझी विरासत की रक्षा करनी होगी। कुलपति ने कहा कि हिन्दी का मीडिया अविश्वसनीय होता जा रहा है। हम आज ग्लोबल दुनियामें जी रहे हैं, हम दूसरी भाषाओं से मुह मोड़ कर अपने दायरे को सीमित नहीं कर सकते। भाषा हमारी सांस्कृतिक विरासत है। कार्यशाला के उद्घाटन सत्र के मुख्य वक्ता प्रो0 संतोष भदौरिया ने आजादी की लड़ाई से लेकर आज तक की पत्रकारिता के इतिहास को रेखांकित करते हुए रेखांकित किया कि आज बाजार, पूंजी, भूमंडलीकरण ने पत्रकारिता को लक्ष्य विहीन कर दिया है, भटका दिया है। वह लाभ-हानि तक सीमित हो गई है। हिन्दी हमारी आजादी की भाषा है। हिन्दी क्षेत्र सजग, जागरुक और संघर्षशील चेतना का वाहक है। इसलिए हिन्दी जाति के पास मीडिया को राष्ट्र निर्माण की लड़ाई से जोडने का दायित्व है। प्रो0 मुश्ताक अली ने 1990 के पूर्व और उसके बाद हुए परिवर्तनों की पृष्ठभूमि में हिन्दी फिल्मी गाीतों में अंग्रेजी और अंग्रजियत के बढते प्रभाव और उसके दुष्परिणाम पर विस्तार से प्रभाव डाला। मीडिया स्टडीज सेंटर के शिक्षक डाॅ0 धनंजय चोपड़ा ने रेखांकित किया कि हिन्दी की शब्द-सम्पदा बेहद समृद्ध है। मीडिया ‘‘मिशन’’, ‘‘पामिशन’’ और कमीशन से गुजरते हुए आज भूमंडलीकरण के दौर में है। उसमें वैचारिक स्तर पर दरिद्रता आयी है, लेकिन टेक्नोलाॅजी में उतनी ही समृद्धि आयी है। भाषा गतिशील होती है। वह समाज में बदलाव के साथ बदलती है। भाषा के एक साथ कई स्तर होते हैं। हम शब्द संकोच के समय में जी रहे हैं, इससे निकलना बहुत जरूरी है। कार्यशाला को डाॅ0 भूरे लाल ने भी सम्बोधित किया। संचालन राजभाषा कार्यान्वयन समिति के संयोजक डाॅ0 सूर्य नारायण एवं धन्यवाद ज्ञापन श्री हरिओऽम् कुमार, हिन्दी अनुवादक ने किया। कार्यक्रम के प्रारम्भ में संगीत विभाग की छात्राओं ने सरस्वती वंदना और कुलगीत प्रस्तुत किया, जिसका संयोजन डाॅ0 ज्योति मिश्रा ने किया। कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख लोगों में प्रो0 एच0एस0 उपाध्याय, प्रो0 बी0एन0 सिंह, प्रो0 रामसेवक दुबे, प्रो0 अनीता गोपेश, प्रो0 हर्ष कुमार, प्रो0 चंदा देवी, प्रो0 मीरा दीक्षित, डाॅ0 लालसा यादव, कर्मचारी एवं छात्र-छात्रायें उपस्थित रहे।
 
 
 
हिंदी पखवाडा
आज 14 सितंबर को हिंदी दिवस के अवसर पर 14 से 27 सितंबर तक हिंदी पखवाडा मनाने के लिए इलाहाबाद विश्वविद्यालय के नार्थ हाल में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता माननीय कुलपति प्रो० रतन लाल हांगलू ने की। इस संगोष्ठी के मुख्य अतिथि कैंसर रिसर्च इंस्टिट्यूट ग्वालियर के पूर्व वैज्ञानिक डॉ० सोमेश्वर भारद्वाज एवं बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के फार्मेसी विभाग के आचार्य प्रोफेसर शंकर वी० तत्ववादी थे । कार्यक्रम का संचालन सेंटर ऑफ रूरल टेक्नोलॉजी एंड डेवलपमेंट के समन्वयक तथा एफ़०आर०सी०ए चेयरमैनय प्रो० अनुपम दीक्षित ने किया। विज्ञान में हिंदी के महत्व को समझाते हुए प्रथम वक्तव्य में प्रो० तत्ववादी ने डॉ० मेघनाद साहाए जो इलाहाबाद विश्वविद्यालय में प्रोफेसर थे एवं डॉ० विश्वेश्वरैया का उदाहरण प्रस्तुत किया तथा भारतीय विज्ञान में स्वामी विवेकानंद के योगदान के बारे में विस्तार से चर्चा की । उन्होंने बताया कि कैसे स्वामी विवेकानंद जी ने अपने शिकागो व्याख्यान में भारतीय विज्ञान का परचम लहराया था । साथ ही साथ उन्होंने यह भी बताया कि स्वामी विवेकानंद जी की ही प्रेरणा से भारत में विज्ञान के स्तर को ऊंचा करने के लिए जमशेदजी टाटा ने भारतीय विज्ञान संस्थान को बेंगलुरु में स्थापित किया । श्री विश्वेश्वरैया का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कैसे मैसूर में उनके उल्लेखनीय योगदान से वैज्ञानिक प्रगति हुई। अन्य विशिष्ट वैज्ञानिकों के बारे में चर्चा करते हुए उन्होंने सर जे सी बोसए सर सी वी रमन इत्यादि वैज्ञानिकों के बारे में भी चर्चा की । कार्यक्रम के दूसरे मुख्य अतिथि डॉ० सोमदेव भारद्वाज ने भारतीय संस्कृति और भारतीय विज्ञान के बारे में छात्रों को महत्वपूर्ण एवं रोचक जानकारियां प्रदान की। उन्होंने वेदों की चर्चा की तथा बताया कैसे 5000 साल पहले ही भारतीय संस्कृति में विज्ञान की उत्पत्ति हो गई थी । अपनी बात को आगे बढ़ते हुए उन्होंने बताया कि कैसे डॉ० मातापुर कर ने महाभारत ग्रंथ में ऋषि वेदव्यास के द्वारा गांधारी के 100 पुत्रों की उत्पत्ति से प्रेरणा लेकरय क्लोनिंग का आविष्कार किया और भारत और अमेरिका में पेटेंट करवाया। महान वैज्ञानिक मैक्स म्युलर ने संस्कृत भाषा के महत्व को कैसे विश्वपटल पर रखाए बताते हुए कहा कि उन्होंने एडिसन के द्वारा आविष्कार किये गए माइक्रोफोन में प्रथम वाक्य वैदिक संस्कृत श्लोक था। साथ ही साथ उन्होंने सर सी० वी० रमन के भारत प्रेम के बारे में बताया कि नोबेल पुरुष्कार प्राप्त करते समय उन्हें अपने देश का ध्वज न लेकर ब्रिटश ध्वज लेकर पुरुस्कार लेना कष्टदायक था। सभी छात्रों ने हिंदी भाषा के बहुतायत प्रयोग के लिए संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन डॉ० हर्ष कुमारए पी०आर०ओ०ए ने औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन देकरए तथा राष्ट्रगान के साथ हुआ। कार्यक्रम में कुलसचिवए प्रो० एन०के० शुक्लए डॉ० विजय कुमारए डॉ०आनंद पांडेयए डॉ० राजेश कुमारए डॉ० शशिकांत शुक्लए डॉ० एहसान कामरानए इत्यादि शिक्षकगण मौजूद थे।
 
 
Director, Centre for Women’s Studies, AU:

Centre for Women’s Studies, University of Allahabad organized a one day workshop on the topic “Child Sexual Abuse” in the University Guest House. The Chief Guest for the occasion was Hon’ble Justice Bharati Sapru, Judge Allahabad High Court and the resource persons were Nabonita Banerjee and Ms. Reena D’Souza from RAHI Foundation, Delhi. Justice Bharati Sapru emphasized on the education of parents, teachers and other responsible adults of the society. In reference to the Ryan International School case, she said such incidences are unfortunate and society needs to vigilant about it. She also elaborated on the Bare Act made for the protection of children from abuse. The Director of the Center for Women’s Studies Prof. Smita Agarwal gave an introduction to the workshop. She emphasized on the relevance of the workshop for the youth of the University that are going to be the future parents and family makers of India. The workshop was conducted in four sessions. Session 1 addressed the issues related to the dynamics of incest and child sexual abuse. In this session the myths and facts related to sexual abuse of children were discussed among the participants. In the second session, the group activity was focussed towards understanding how child sexual abuse takes place, how does a child feel when sexually abused, which children are more vulnerable, why children don’t speak about abuse and how will the chld know/indicate that sexual abue is happening with him/her. The issues were discussed and participants took active part in the discussion. Session 3 of the workshop emphasized on the impact on adult survivors of incest/ child sexual abuse on the physical, emotional, psychological, sexuality and relationships. Session four addressed the issues related to the preventive measures that can be taken to prevent Incest /Child Sexual Abuse. The programme was conducted by Dr. Ruchika Varma, Consultant, CWS. Dr. Anshu, Sudhir Gupta, Balkrishna, Farhaan and Dheeraj of CWS helped in making the Workshop a success.

इलाहाबाद विश्वविद्यालय के महिला अध्ययन केन्द्र के द्वारा एक दिवसीय बाल यौन शोषण पर कार्यशाला 14 सितम्बरए 2017 को विश्वविद्यालय के अतिथि ग्रह के कान्फ्रेंस हॉल में आयोजित की गयी। इलाहाबाद में और साथ ही विश्वविद्यालय में इस तरह की कार्यशाला का आयोजन पहली बार किया गया। जो बहुत ही महत्वपूर्ण और संवेदनशील मुद्दा है। जिस पर क्रमशः अध्ययनए विचार.विमर्श और विश्लेषण करने की आवश्यकता है। इस विषय के प्रति लोगों में जागरुकता लाने के साथ इसका प्रचार प्रसार करना अत्यन्त आवश्यक है। इसी उद्देश्ण् से दिल्ली के राही फाउण्डेशन के रिसोर्स पर्सन ने 70 प्रतिभागियोंए जिसमें विभिन्न विभागों के रिसर्च स्कॉलरए संकाय सदस्य और अन्य सदस्यों को इस विषय पर सुझाव /लाह प्रदान करी। कार्यक्रम का संचालन आगे करते हुए केन्द्र की निर्देशिका प्रो0 स्मिता अग्रवाल ने मुख्य अतिथि एवं रिसोर्स पर्सन का परिचय देए प्रतिभागियों के सम्मुख कार्यशाला की संक्षिप्त रुपरेखा प्रस्तुत की। इस कार्यशाला का उदघाटन इलाहाबाद हाईकोर्ट की न्यायधीश मिस भारती सप्रु ने किया। इन्होंने प्रतिभागियों को बाल यौन शोषण के कानूनी पहलुओं और इससे सम्बन्धित अपराधिक अधिनियमों की जानकारी प्रदान करए व्याख्यायित किया। राही फाउण्डेशन की स्थापना 1996 में हुई थी यह महिलाओं के उत्तरजीविता के परिवारिक व्याभिचार और बाल यौन शोषण के विरुद्ध आवाज उठाने वाली यह एक अग्रणी संस्था है। राही का कार्य इस प्रकार की समस्याओं को खोजनाए ऐसी घटना दुबारा न घटित हो इसके लिए सहयोग प्रदान करना है। इस कार्य की परिणति के लिए राही के हिलिंग मॉडल के अन्तर्गत परिवारिक व्यभिचारध्बालयौन शोषण को बतानाए उसके प्रति जागरुक करनाए प्रशिक्षण देनाए हस्तक्षेप करनाए खोजना और क्षमता का निर्माण करनाए ये सभी सामाजिक परिवर्तन के इस कड़े मुद्दे के भीतर समाहित है।

Joint Registrar, AU:
The Viva-voce examination of Mr./Ms.Aliya Naseem,  candidate for the D. Phil. Degree of the University the subject of her/his thesis Titled “The Dramatic Achievment of Habeeb Tanveer: A Critical Study” will be held on September 19, 2017 at 11:00 A.M. at the Department of Urdu, AU, Allahabad. The examination will be conducted by Prof. Irteza Karim, and Prof. Atia Nishat Khan, Members of the Academic Council are invited to attend but no T.A./D.A. will be paid.
 
परीक्षा नियंत्रक, इ0वि0वि0ः
बी0ए0 भाग 1 एवं 2, सत्र 2017 की भूगोल विषय की द्वितीय परीक्षा की प्रयोगात्मक परीक्षा दिनांक सितम्बर 15, 2017 को 10 बजे से 4 बजे तक भूगोल विभाग, इलाहाबाद विश्वविद्यालय में सम्पन्न होगी। सम्बन्धित छात्र/छात्रायें विस्तृत जानकारी हेतु भूगोल विभाग में सम्पर्क करें।
 
संयुक्त कुलसचिव (परीक्षा), इ0वि0वि0ः
  • बी0काॅम0 तृतीय वर्ष सत्र 2016-17 की द्वितीय परीक्षा की मौखिक परीक्षा दिनांक सितम्बर 19, 2017 को 11 बजे से वाणिज्य विभाग, इलाहाबाद विश्वविद्यालय में सम्पन्न होगी। सम्बन्धित छात्र/छात्राऐं विस्तृत जानकारी हेतु वाणिज्य विभाग में सम्पर्क करें।
  • एम0काॅम0 चतुर्थ सेमेस्टर सत्र 2016-17 की द्वितीय परीक्षा की मौखिक परीक्षा दिनांक सितम्बर 19, 2017 को 11 बजे से वाणिज्य विभाग, इलाहाबाद विश्वविद्यालय में सम्पन्न होगी। सम्बन्धित छात्र/छात्राऐं विस्तृत जानकारी हेतु वाणिज्य विभाग में सम्पर्क करें।
 
Head, Department of History, AU:
Due to the impending students Union Election the P.G. mid-term examination have been rescheduled for November 01 (Wednesday) and November 03 (Friday) 2017 between 11:00am to 2:00pm.
छात्रसंघ चुनाव, के कारण स्नातकोत्तर मध्यावधि ( मिड टर्म) परीक्षा 01 नवम्बर,(बुधवार) एवं 03 नवम्बर (शुक्रवार) 2017 को   11ः00 पूर्वान्ह से 2ः00 अपरान्ह के मध्य सम्पन्न होगी।
 
Head, Department of Sociology, AU:
The Dewang Mehta National Education Awards is India's largest Education Awards.  On its 25TH SILVER JUBILEE YEAR IN 2017,  the Grand celebration took place at hotel Taj, Lucknow and Dy. Chief Minister of U.P. honorable Prof Dinesh Sharma was the chief guest of the event. On this occasion I.e. 14th September 2017,  Prof. Ashish Saxena, Head, Dept of Sociology, University of Allahabad got the Award for Best Professor of Sociology and Certificate of Merit by Honorable Dy. Chief Minister for academic excellence in Education field under the EDUCATION LEADERSHIP AWARD category.
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
मनद सचिव, डेलीगेसी, इ0वि0वि0ः
डेलीगेसी के छात्र क्रिकेट टीम के ट्रायल का फार्म कार्यालय से प्राप्त करके दिनांक सितम्बर 26, 2017 तक् अनिवार्य रूप से सभी प्रपत्रों के साथ डेलीगेसी कार्यालय में जमा करें।
 
Head, Department of English, AU
CRET LEVEL –II test will take place in room 5 of the Department of English and MEL, at 1 pm on 20th September 2017. The roll numbers of meritoriously eligible candidates (21 in number) have already been displayed on the notice board of the department. Those who have not yet submitted their synopsis and photo copies of the required academic documents, Aadhaar number along with their latest Caste Certificates (if applicable) should submit without fail latest by 18th September 2017.