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                          Press Release

 

जीवन संघर्ष व जीवन दर्शन के बगैर बड़ी शायरी सम्भव नहीं -प्रो0 रतन लाल हाँगलू गलिब इन्सटिट्यूट, दिल्ली के तत्वाधान में इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 रतन लाल हाँगलू के काव्य संग्रह ’’हसरतें’’ का विमोचन।

 

 

गलिब इन्सटिट्यूट, दिल्ली के तत्वाधान में इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 रतन लाल हाँगलू के कावय संग्रह ‘हसरतें’ का विमोचन हुआ। जिसमें उर्दू साहित्य केे लेखन, आलोचक आदि शरीक हुए और अपने विचार व्यक्त किये। इस अवसर पर प्रो0 हाँगलू ने अपनी नज़में, गज़लें सुनाने के साथ अपनी रचनाओं की पृष्ठिभूमि को पेश किया। उन्होंने कहा कि मेरी हर नज़्म के पीछे देश में होने वाले हादसे हैं जो मुझे बेचैन करते रहते हैं। उन्होंने अपने जीवन काल के कुछ और वाक़ेयात पेश किये साथ ही उन हालात पर रौशनी डाली जिनसे नज़्मों की रचना हुई। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के ही प्रो0 ए0ए0 फ़ातमी ने कहा कि उर्दू शायरी की परम्परा में प्रतिरोध रहा है, इस लिये प्रो0 हाँगलू की नज़्में मुझे आकर्षित करती हैं, इनमें जमाल कम जलाल ज़्यादा है, अच्छी शायरी के लिये शऊरे - कायनात बहुत जरूरी होता है। यह शऊर हाँगलू साहब की शायरी में दिखाई देता है। दिल्ली विश्वविद्यालय के डाॅ0 अली जावेद ने कहा कि छात्रजीवन में प्रो0 हाँगलू शायर कम थे विचारक ज़्यादा थे, कशमीर की सुन्दरता ने उन्हें शायर बना दिया जे0 एन0 यू0 के प्रो0 अनवर पाशा ने कहा जब एक इतिहासकार शायर बनता है तो अपने आप उसका दायरा बड़ा हो जाता है, हाँगलू एक दार्शनिक भी हैं और यह गुण उनकी शायरी में भी दिखाई देता है। ज़ाकिर हुसैन काॅलेज के डाॅ0 ख़ालिद अलवी ने कहा कि हाँगलू साहब सरकारी ओहदे पर रहते हुए बेबाकी से अपनी बात करते हैं, यह खूबी इनकी शायरी की भी है, इनके ख़्यालात मीर-गा़लिब से मिलते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय के डाॅ0 अबू बक्र अब्बाद ने कहा कि हाँगलू की शायरी में मोहब्बत और इंसानियत का जज़्बा भरा पड़ा है, वह पैगाम के शायर हैं। डाॅ0 रज़ा हैदर ने कहा कि इतिहासकार और शायर दोनों का सम्बंध समाज से होता है, इसी लिये इतिहासकार को शायर बनने में देर नहीं लगती, इनकी शायरी में वतन परस्ती और इंसान दोस्ती पाई जाती है। श्री आसिफ़ आज़मी ने भी मुबारक बाद पेश की। इस जलसे में शहर के जाने माने लेखकों, शायरों, विद्यार्थियों आदि ने शिरकत की।

 

Director, Centre for Women’s Studies, AU:

The Centre for Women’s Studies, AU is organizing a "One Day workshop" on Child Sexual Abuse. Justice Ms. Bharati Sapru will inaugurate the workshop at 9:45 am. I wish to call a press Conference on 12th September, 2017 at 11:00am in the Centre for Women’s Studies. I would be obliged if you informed media persons to meet me for a press briefing on 12.09.2017, 11:00 am, in the Centre for Women’s Studies, Senate Hall Building, Allahabad University.

 

Head, Department of Anthropology, AU:

On September 8, 2017 the Department of Anthropology and Department of Sociology, University of Allahabad, Jointly organized a public lecture in the New Academic Building. The topic for the lecture was “Changing Paradigms of Development: A critical Review.” The invited speaker was Prof. D.N. Jena, former Vice Chancellor of 'Utkal University of culture, Bhubaneswar'. Prof. Shekhar Adhikari, Dean, College Development cell , AU Graced the occasion by chairing the entire programme. Dr. Prashant Khattri, Assit. Professor,  Department of Anthropology, compeered the entire programme. Prof. Ashish Saxena, the head of the Department initiated the discussion by raising some of the very cantemporary and crucial debates in the department. Dr. Muneer IIIath, department of Sociology presented, a brief introduction to the domain of department than Dr. Khirod Ch. Moharana introduced the distinguished speaker to the house by highlighting his academic and administrative achievements Prof. Jena reiterated that we are creating underdevelopment in the name of development. He used the world “Vinash” to highilight the consequences of use-and –throw mode of policy making. Most often the policy makers are far away from the ground reality and as a result the development planning and programmes become utter failures. Finally the speaker talked about human development and how the new paradigms of development are becoming human-centred. Then Prof. Adhikari presented his brief deliberation on development issues and how human security is a crucial matter in development. He argued that national security and human security can be considered as the means of development today. Then there were queries from the audiences which were answered by the speaker. Finally Dr. Rahul Patel presented the vote thanks. The lecture was attended by faculty members, research scholars, and students of the social science discipline.

 

Head, Department of Botany, AU:

·         The final list of selected candidates in CRET-2017 (Botany) has been displayed on the Notice board of the Department. Candidates are required to contact office of the Department and submit all the relevant documents on or before September 22, 2017.

·         The final list of selected candidates in CRET-2017 (Agriculture Botany) has been displayed on the Notice board of the Department. Candidates are required to contact office of the Department and submit all the relevant documents on or before September 22, 2017.

 

Head, Department of Law, AU:

All the research scholars who are enrolled in session 2016-17 are informed that they should contact to Dr. J.S. Singh, D.Phil. Course Coordinator on 11.09.2017 at 12:00noon in the Conference Hall, Department of Law, and University of Allahabad.

 

कुलानुशसक, इ0वि0वि0ः

·        विश्वविद्यालय के छात्र/छात्रओं को सूचित किसा जाता है कि जिन्होंने सत्र 2017-18 की फीस जमा कर दी है वे छात्र परिचय पत्र कराने हेतु मूल फीस रसीद एवं उसकी छायाप्रति एवं पूर्व निर्गत परिचय पत्र के साथ दिनांक 15.09.2017 के पूर्व तक कार्यानय समय प्र्रातः 9ः30 बजे से 4ः00 तक उपस्थित होकर परिचय पत्र अवश्य बनवा लें।

·         छात्रसंघ चुनाव के नाम पर घूस देना, डराना, धमकाना, चंदा मांगना, आतंकित करके धन उगाही करना, गुंडा टैक्स अथवा इस प्रकार को कोई भी कृत्य स्वयं या अपने समर्थकों द्वारा किया/कराया जाना सर्वथा वर्जित है और जघन्य अपराध की श्रेणी में आता है। यदि किसी भी के द्वारा उपर्युक्त में लिप्त होने की सूचना प्राप्त होती है तो उसकी पात्रता निरस्त किये जाने एवं विधिक कार्यवाही किये जाने हेतु उपक्रम किया जा समता है। कतिपय छात्राओं और छात्रों द्वारा यह सूचना दी गयी है कि इस प्रकार के कार्य आरम्भ हो चुके हैं। अतः यह चेतावनी दी जाती है कि उपर्युक्त कृत्यों से सावधान रहें।

 

Joint Registrar, AU:

·         The Viva-voce examination of Mr./Ms.Roopam Chandra,  candidate for the D. Phil. Degree of the University the subject of her/his thesis Titled “Consumer awareness Acceptance and Response to Emerging Retail Formats with Special Reference to FMCG Products: A Study of uttar Pradeah and National capital Region” will be held on September 18, 2017 at 11:00 A.M. at the Department of Commerce, AU, Allahabad. The examination will be conducted by Prof. Neeti Agarwal, and Prof. J.N. Bhargava, Members of the Academic Council are invited to attend but no T.A./D.A. will be paid

·         The Viva-voce examination of Mr./Ms. Sangeeta Shukla,  candidate for the D. Phil. Degree of the University the subject of her/his thesis Titled “Micro- LEVEL Planning for the Socio Economic Development of Kaushambi District of U.P.” will be held on September 14, 2017 at 02:00 P.M. at the Department of Geography, AU, Allahabad. The examination will be conducted by Prof. D.C. Pandey and Prof. B.N. Mishra, Members of the Academic Council are invited to attend but no T.A./D.A. will be paid.

 

Head, Department of Geography, AU:

·         The CRET Level third interview for admission in D.Phil in Geography will be held on 19.09.2017 at 11:00 A.m. in the department of Geography.

भूगोल  विभाग में क्रेट लेवल-3 सत्र 2017 में प्रवेश के लिये साक्षात्कार दिनांक 19.09.2017 को 11ः00 बजे भूगोल विभाग में सम्पन्न होगा।

·         Second/ Improvement Practical Examination of B.A/B.Sc. Part I,II,&III will be held in the Department of Geography, University of Allahabad on 15.09.2017 at 09:00am.

बी0ए0/बी0एस0सी0 भग एक, दो व तीन भूगोल सत्र 2016-17 की द्वितीय - अंकसुधार प्रयोगात्मक परीक्षा निम्न कार्यक्रम के अनुसार सम्पन्न दिनांक 15.09.2017 को पूर्वाह्न 09ः00 बजे भूगोल विभाग में सम्पन्न होगी।

 

Head, Centre of Behavioural and Cognitive Sciences, A.U.:

The Centre of Behavioural and Cognitive Sciences, University of Allahabad is organizing the first memory camp in Allahabad on 16th September, 2017 this camp is set up to provide a detailed record of memory through formal evaluation. People in the age group of 35-75 yrs are welcome to participate and get a complete evaluation of memory and general cognitive health. This is an outreach initiative of CBCS for screening age related problems in memory and cognition. Last date for pre registration is 14th September 2017 In order to register, Kindly SMS Your name, age, and contact number to 09198660387. For more details, please contact CBCS office ( puneet Kumar: 08317070392) or Prof. Bhoomika R. Kar(8707715206).

इलहाबाद विश्वविद्यालय के व्यवहारिक एवं संज्ञानात्मक विज्ञान केंद्र (सी0बी0सी0एस0) में सितम्बर 16, 2017 को स्मृति शिविर आयोजित किया जा रहा है। 35-75 वर्ष की आयु के लोग इस शिविर में भाग ले सकते हैं और अपनी स्मृति एवं संज्ञान का परीक्षण करवा सकते हैं। इस शिविर में भाग लेने के लिए दिए गए नंबर 09198660387 पर अपना नाम, आयु, और फोन नंबर मैसेज करें। इस शिविर के लिए रजिस्टर करने की अंतिम तारीख सितम्बर 14, 2017 है। अधिक जानकारी के लिए सी0बी0सी0एस0 आॅफिस (पुनीत कुमारः 08317070392) या प्रो0 भूमिका कर 08707715206 से संपर्क करें।

 

कुुलसचिव, इ0वि0वि0ः

इलाहाबाद विश्वविद्यालय में दिनांक सितम्बर 11, 2017 को राजभाषा कार्यान्वयन समिति की द्वितीय तिमाही बैठक आचार्य नरेन्द्र कुुमार शुक्ल, कुलसचिव एवं अध्यक्ष राजभाषा कार्यान्वयन समिति की सध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में विश्वविद्यालय में 14 सितम्बर - हिन्दी दिवस के आयोजन पर चर्चा हुई साथ ही सिनम्बर 14 से 27 तक राजभाषा पखवाड़ा आयोजित करने का प्रस्ताव पास हुआ। इस बैठक का संचालन डाॅ0 सूर्य नारायण सिंह, उपाचार्य एवं संयोजक रा0भा0का0 समिति ने किया, जिसमें रा0भा0 कार्यान्वयन समिति के सदस्य सर्वश्री भूरेलाल, ओमप्रकाश गुप्ता, अनिल कुमार सिंह, प्रभात कुमार मिश्र, संजय तिवारी, सुरेशचन्द्र ओझा, केदारनाथ दुबे आदि उपस्थित रहे। सभी ने राजभाषा पखवाड़ा 2017 के अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताएं कराने का भी सुझाव दिया। राजभाषा पखवाड़ा 2017 का आयोजन श्री केदारनाथ दुबे की देखरेख में सम्पन्न कराने का प्रस्ताव पास हुआ। अंत में श्री हरिओम कुमार, हिन्दी अनुवादक ने सभी का आभार व्यक्त किया।