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विभागाध्यक्ष, रसायन विज्ञान विभाग, इ0वि0वि0ः
बि.एस.सी. द्वितीय वर्ष सत्र 2017-18 की नियमित कक्षायें दिनांक जुलाई 17ए 2017 से प्रारम्भ हो रहीं हैं। छात्रों से अपेक्षा की जाती है कि वह लोग विभागीय कार्यालय में आकर अपना नामांकन करवा लें एवं समय सारणी अनुसार कक्षाओं में उपस्थित रहें।
 
परीक्षा नियंत्रक, इ0वि0वि0ः
  •          बी.ए./एस.सी./काॅम. भाग 1, 2 एवं 3 सत्र 2017 के जो छात्र/छात्राएं स्क्रूटनी ;संवीक्षाद्ध हेतु आवेदन करना चाहते हैंए वे अपना आवेदन पत्र निर्धारित शुल्क के साथ दिनांक जुलाई 12, 2017 से जुलाई 13, 2017 तक सम्बन्धित पटल पर जमा कर दें। जिन अभ्यर्थियों को अंकपत्र न प्राप्त हुए हों वे विश्वविद्यालय के वेबसाईट से अपने अंकपत्र प्राप्त कर स्क्रूटनी ;संवीक्षाद्ध हेतु आवेदन कर सकते हैं। इस निथि के पश्चात कोई भी स्क्रूटनी ;संवीक्षाद्ध के आवेदन पत्र स्वीकार नहीं किये जायेंगे।
  •          बी.ए./बी.एस.सी/बी.काॅम. प्रथमए द्वितीय एवं तृतीय वर्ष सत्र 2017 की द्वितीय परीक्षाध्अंक सुधार परीक्षा 2017 के लिए जो छात्र/छात्राएं अर्ह होंए वे दिनांक जुलाई 12, 2017 से जुलाई 25, 2017 के मध्य निर्धारित शुल्क के साथ आवेदन पत्र भरकर सम्बन्धित इहाई में जमा करें। परीक्षा आवेदन पत्र का प्रारूप् विश्वविद्यालय वेबसाईट पर उपलब्ध है।
 
विभागाध्यक्ष, भूगोल विभाग, इ0वि0वि0ः
बि0ए0ध्बि0एस.सी0 भाग द्वितीयए तृतीय तथा एम0ए0ध्एम0एस.सी0 तृतीय सेमेस्टर सत्र 2017.18 की कक्षायें दिनांक जुलाई 10ए 2017 से प्रारम्भ हो चुकी हैं। सभी विद्यार्थियों को निर्देशित किया जाता हे कि वे विभागीय कार्यालय में नामांकन करा कर नियमित रूप से निर्धारित समय सारणी के अनुसार कक्षाओं में उपस्थित रहें।
Regular Classes of B.A./B.Sc. Part II, II and M.A./M.Sc. semester III session 2017-18 Geography has been started from July 10, 2017. Students are directed to enroll in the department and attend regularly as per time-table in the class.
 
अधिष्ठाता, विज्ञान संकाय, इ0वि0वि0ः
बी0एस.सी0 द्वितीय ;गणित एवं जीव विज्ञान संवर्गद्ध वर्ष 2017-18 की कक्षाएं दिनांक जुलाई 2017 से शुरु होंगी। छात्र विभागीय समय.सारिणी के अनुुसार कक्षाओं में उपस्थित हों और सम्बन्धित विभाग में अपना नामांकन करा लें।
The Classes of B.Sc.-II 2017-18 (Math and Bio group) will commence from July 17] 2017. The students are required to attend the classes as per the Departmental Time-Table and get them enrolled in the concerned Departments.
 
प्रोफेसर पी0 के0 घोष, अर्थशासत्र विभागए इ0वि0वि0ः
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के अर्थशास़्एत्र विभाग में विश्व जनसंख्या दिवस पर परिचर्चा का आयोजन
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग में विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर परिचर्चा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आरंभ करते हुये प्रोo पी. के. घोष ने विश्व जनसंख्या दिवसए 2017 के थीम "रिवार नियोजन: सशक्त लोग, विकासशील देश' व जनसंख संबंधित अन्य तथ्यों पर प्रकाश डाला। परिचर्चा के प्रमुख वक्ता प्रो0 ए. के. जैन, (सेवानिवृत्त) अर्थशास्त्र विभाग, इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने जनसंख्या से संबंधित दो आयामों , बढ़ती हुई वृद्ध जनसंख्या के लिये सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा और युवाओं के लिये रोजगार सृजन और रोजगारपरकता की समस्या पर अपना विचार प्रस्तुत किया। परिचर्चा में अर्थशास्त्र विभाग के प्रो0 प्रहलाद कुमारए,डा0 किरन सिंह, डा0 रेखा गुप्ता और अनेक शोध छात्र उपस्थित थे। श्री जावेद अख्तर ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस परिचर्चा का आयोजन प्रोo पी. के. घोष के निर्देशन में किया गया।
Ageing Population considered as liability- Prof. A.K. Jain

The Department of Economics, University of Allahabad organised a special lecture to commemorate the "World Population Day" under the aegis of Eco- Green on 11th July 2017. The guest speaker was Prof. A.K.Jain, former professor, Department of economics, department of Economics, University of Allahabad. Prof. A.K.Jain's lecture revolved around the issue of employability and ageing. In the last 40 years world population has doubled. The world population of 40 crores in year 1000 increased to 100 crores in 1804, 300 crores in 1960 and 600 crores in 2000. Presently, 180 crores of the world population is in the 10-24 age bracket while 52% is under 30 years. So, the ways to increase employability was emphasised in his lecture. On the issue of ageing he said old people are considered as liabilities and policy making does not focus more on this. The function was conducted by Prof. P.K.Ghosh and he also highlighted a new concept of Demographic Debt. Many M.A. students and research scholars of the department also actively participated and interacted on the issue. Avinash kumar, Harshvardhan, Darshana Kumari shared their views and raised relevant questions on the issue. Prof. Prahlad Kumar, Kiran Singh and Rekha Gupta were other faculty members present on the occassion. Mr. Javed Akhtar extended the vote of thanks.