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Incharge, Research Section, AU:
As per order of the Hon'ble Vice-Chancellor, the meeting of the Research Degree Committee for all the Faculties, Institutes, IIDS/IPS/CBCS/G.B Pant & Independent Centre is Scheduled on 05 March, 2020 at 11:00A.M in the North hall, Senate House, University of Allahabad Prayagraj. Members are requested to kindly make it convenient to attend the same.
Note:- The Agenda and related papers will be circulated on the table at the time of meeting
 
Registrar, AU:
As per direction of the Hon’ble Vice Chancellor Prof. Rajeev Singh, Department of Electronics & Communication will be as Professor-in-charge, Legal Cell with immediate effect till further orders in addition to his other duties and responsibilities
 
समन्वयक, सेंटर फाॅर थिएटर एंड फिल्म, इ0वि0वि0ः
सेंटर फाॅर थिएटर एंड फिल्म में तीन दिवसीय (मार्च 4 से 6) फिल्म स्क्रीनिंग और कर्वशाॅप आयोजित किया जा रहा है, इस वर्कशाॅप में पहले दिन फिल्म “Fandry” (निर्देशक- नागराज पोपटराव मंजुले), की स्क्रीनिंग की गई, वर्कशाॅप का शुभारम्भ प्रो0 प्रशांत अग्रवाल (अधिष्ठाता, महाविद्यालय विकास, इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज) ने किया, विभाग के समन्वयक प्रो0 अजय जेटली ने स्वागत वक्तव्य देकर उनको धन्यवाद दिया। प्रो0 प्रशांत अग्रवाल (अधिष्ठाता, महाविद्यालय विकास) ने अपने वक्तव्य में तीनो फिल्मों पर प्रकाश डालते हुए अपने अनुभवों को वर्कशाॅप में आये छात्रों के साथ साझा किया, छात्रों को सिनेमा देखने और समझने के पहलुओं से अवगत कराया। फिल्म स्क्रीनिंग के बाद “Fandry” (निर्देशक- नागराज पोपटराव मंजुले) फिल्म पर सेंटर फाॅर थियेटर एंड फिल्म में अतिथि प्रवक्ता राजमणि मौर्या, विजय लाल कनौजिया और विद्या प्रकाश तिवारी ने सिनेमा, कथ्य, शिल्प, तकनीकी, सामाजिक सरोकार आदि विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की और छात्रों के प्रश्नों पर परिचर्चा की। फिल्म स्क्रीनिंग और परिचर्चा के दौरान अरबी फारसी विभाग की अध्यक्ष प्रो0 सलेहा रशीद उपस्थित रहीं और अपने सामाजिक सरोकार, भाषा और सिनेमा के सरोकारों से छात्रों को रूबरू कराया। तीन दिवसीय फिल्म वर्कशाॅप के दूसरे दिन श्ज्ूवश् (निर्देशक- सत्यजित रे), और ‘‘अहिल्या’’ (सुजाॅय घोष) की स्क्रीनिंग की जायेगी। इस वर्कशाप का संचालन, सेंटर फाॅर थिएटर एंड फिल्म के तकनीकी सहायक जय प्रकाश के द्वारा किया गया।
 
हिंदी अनुवादक, इ0वि0वि0ः
इलाहाबाद विश्‍वविद्यालय में अंतरराष्‍ट्रीय महिला  दिवस के अंतर्गत  काव्‍य पाठ के साथ तीन दिवसीय कार्यक्रम का आरंभ ।
इलाहाबाद विश्‍वविद्यालय में “अंतरराष्‍ट्रीय महिला  दिवस” के  अंतर्गत राजभाषा अनुभाग के तत्‍वावधान में तीन दिवसीय  कार्यक्रम का आरंभ  काव्‍य पाठ के साथ हुआ । कार्यक्रम की अध्‍यक्षता करते हुए  प्रो. चंदा देवी, अध्‍यक्ष- हिंदी विभाग ने अपने वक्‍तव्‍य में इलाहाबाद विश्‍वविद्यालय में महिलाओं के लिए गठित सीसीएएसएच समिति की  जानकारी देते  हुए आज हो  रहे सुधारों के बारे में बताया।  विश्‍वविद्यालय अनुदान आयोग के दिशानिर्देशों के तहत इलाहाबाद विश्‍वविद्यालय में अंतरराष्‍ट्रीय महिला दिवस के कार्यक्रमों की श्रंखला के तहत तीन दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया है।  आज इस का शुभारंभ महिला सशक्तिकरण  विषय पर  काव्‍य पाठ के साथ हुआ । इस काव्‍य पाठ में विश्‍वविद्यालय और संघटक कालेज के छात्र/छात्राओं ने  अपनी कविता के माध्‍यम  से  अपनी-अपनी बात  रखी । कविता पाठ क्रमश: कविता पाल, आशा मिश्रा, अनीता वर्मा, सृष्टि सिंह, राशि पांडेय, शिवानी शुक्‍ला, साक्षी पाडेय,  सरिता, विकास गिरि,  अखिलेश पांडेय ने काव्‍य पाठ किया। कार्यक्रम के  आरंभ में हिंदी अनुवाद अधिकारी ने स्‍वागत वक्‍तव्‍य दिया एवं तीन दिवसीय कार्यक्रम की रूपरेखा से सबको परिचित कराया। डा. अमृता ने महिलाओं की प्राचीन स्थिति से वर्तमान स्थिति पर  अपनी बात  रखी । डा. सुरभि त्रिापाठी ने  वर्तमान में महिलाओं की परेशानियां और समाधान पर चर्चा की।  डा. लक्ष्‍मण, डा. बसंत त्रिपाठी, डा. जर्नादन ने  अपनी कविता के  माध्‍यम  महिलाओं पर अपने विचार रखे।  कविता के पश्‍चात डा. सुनील कुमार  सुधांशु ने आलोचनात्‍मक ढंक  से कार्यक्रम की समीक्षा  की।  कार्यक्रम में डा. वीरेन्‍द्र मीणा, डा. अमितेश, डा. वंदना त्रिपाठी, पूनम पांडेय, कामिनी, कुंज बिहारी, जुगेश कुमार गुप्‍ता, चन्‍द्र शेखर कुशवाह, निधि पांडेय एवं भारी संख्‍या में विभाग के छात्र/छात्राएं उपस्थित र‍हे। कार्यक्रम का संचालन राजभाषा अनुभाग के हिंदी अनुवाद हरिओम कुमार ने किया एवं धन्‍यवाद ज्ञापन डा. सुरभि त्रिपाठी ने किया।