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अध्यक्ष, भूगोल विभाग, इ0वि0वि0ः
 भूगोल विभाग के एम0ए0/एम0एस0सी0 चतुर्थ सेमेस्टर सत्र 2017-18 के छात्रो को सूचित किया जाता है कि Political Geography Geo 511  का टी-1 टेस्ट दिनांक 20 मार्च 2018 को 11:00 बजे डा0 मनोरमा सिन्हा द्वारा सुनिश्चित किया गया है।
 
Head, Department of Law, AU:
The students of LL.M. (II Semester) Session 2017-18 are hereby informed that the mid term test scheduled on 26.03.2018 is hereby shifted to 02.04.2018 due to Rajasthan PCS (J) Preliminary Examination.
 
Section officer, Research Section, AU:
The Viva-Voce of Mr./Ms. Kamlendra Kumar Kushawaha, candidate for the D.Phil. Degree of the University on the subject of his/her thesis titled as, MkW0 jke dqekj oekZ  dh vkykspuk n`f’V dk vuq”khyu” will be held on March 19, 2018 at 11:00 a.m. at the Department of Hindi, A.U., Allahabad. The examination will be conducted by Prof. K.D. Singh, and Prof. Meera Dixit.. Members of the Academic Council are invited to attend but no T.A./D.A. will be paid.
 
Organiser, Sports Board
Squash Summer Coaching Camp For University Squash team Men and Women will be started from 15 April. All the Interested team members are required to Contact Mr Mohd Sabir Sports Trainer Sports Board University of Allahabad.
Last date of Registration - 10 April
 
Head, Department of Sociology, AU
Mid- Term Test:
 
Title of the Course
Date of Examination Time
IInd Semester IVth Semester    
Development of Sociology in India Rural Sociology: Indian Perspective 23.03.2018 10.00 A.M. - 12:00 Noon
Modern Sociological Theories Social Movements in India 01:00 P.M. - 03:00 P.M. 
Sociology of Development Sociology of Health and Illness 26.03.2018 10.00 A.M. - 12:00 Noon
Political Sociology Sociological Research: Logical and Philosophical Issues 01:00 P.M. - 03:00 P.M. 

End-Semester Examination(2017-2018)

Semester Title of the Course Course Code Date of Examination Time
       M.A IInd Semester 2017-18
II Modern Sociological Theories SOC-505 01.05.2018 11 a.m - 02.p.m
II Development of Sociology in India SOC-506 03.05.2018 11 a.m - 02.p.m
II Sociology of Development SOC-551 05.05.2018 11 a.m - 02.p.m
II Political Sociology SOC-552 08.05.2018 11 a.m - 02.p.m
II Viva based on field-based study SOC-532 10.05.2018 11 a.m - 03.p.m
  M.A IVnd Semester 2017-18
IV Sociological Research: Logical and Philosophical Issues SOC-508 27.04.2018 11 a.m - 02.p.m
IV Sociology of Health and Illness SOC-560 02.05.2018 11 a.m - 02.p.m
IV Social Movements in India SOC-561 04.05.2018 11 a.m - 02.p.m
IV Rural Sociology SOC-562 07.05.2018 11 a.m - 02.p.m
IV Viva based on field-based study SOC-534 09.05.2018 11 a.m - 03.p.m

 

Registrar, AU

 

 

 

 

 
Director, ICT Cell, AU                            
                   Inauguration of the CCTV surveillance control room in the University of Allahabad
The Vice Chancellor of the University of Allahabad Prof. R. L. Hangloo inaugurated the CCTV surveillance system at the University of Allahabad on 15 March 2018 at 3:00 PM. The programme was organized in the FCI building of the University where the control room of the facility is situated. Hon'ble Vice Chancellor while speaking on this occasion emphasized on the importance of the CCTV system in India. He said that such ICT tools are very useful in increasing the transparency of the system. He also emphasized on the importance of acquainting the staff of the University with such gadgets and tools and said that an orientation programme for the employees of the University should be held in this regard at the earliest. He congratulated the entire team of the ICT Cell for the successful accomplishment of the first phase of the CCTV project. The CCTV surveillance system presently working at the University of Allahabad is one of its kind in the University system in India and has some unique facilities. This is presumably the first project in the Country which has been implemented at such a large scale in the University system in India. A total of 163 cameras are installed in the first phase of the project. All the cameras are of very high-quality and equipped with state-of-the-art technology. The Administrative buildings, Main Gates of the University campus (and all faculties), Hostels, and other strategic locations are covered in the first phase of the project. The 24x7 monitoring is ensured from a single location in the control room of the FCI building. Most of cameras are equipped with audio-visual recording facility. Some of these cameras which are established at an height of more than 80 meters from the top of the buildings are able to perform the recording in a radius of 4-5 kms. The project has been implemented in the University by the ITI Limited, a Govt. of India undertaking. A presentation has also been made on this occasion highlighting the important and unique features of the project. The roadmap for second phase of the project covering other future requirements of the University was also presented on this occasion. The Deans of Faculties, Heads of Departments, Directors/Coordinators, Teachers and Officers of the University were present on the inauguration ceremony. Prof. Suneet Dwivedi conducted the inauguration ceremony whereas the vote of thanks was proposed by Dr. R. K. Anand(Nodal Officer, CCTV Surveillance System).

 दिनाॅंक 15/03/2018 को माननीय कुलपति महोदय द्वारा सी.सी.टी.वी. सर्विलांस सिस्टम का शुभारम्भ किया गया। यह कार्यक्रम एफ.सी.आई. भवन में आयोजित किया गया। उद्घाटन समारोह के अवसर पर माननीय कुलपति जी ने सी.सी.टी.वी. के महत्व का उल्लेख करते हुए यह कहा कि ऐसे संसाधनों से पारदर्शिता  में अभूतपूर्व बढ़ोत्तरी होती है। उन्होेंने इस बात पर भी जोर दिया कि इस प्रकार के उपागमों के महत्व का कर्मचारीगणों को भी लाभ मिलना चाहिए जिसके लिए शीघ्र ही विश्वविद्यालय में कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा उन्होंने इस प्रोजेक्ट के प्रथम चरण के सकुल क्रियान्वन के लिए विश्वविद्यालय के आई.सी.टी. सेल को बधाई दी। इलाहाबाद सी.सी.टी.वी. प्रोजेक्ट भारत में विश्वविद्यालीय व्यवस्था में अपने प्रकार का प्रथम एवं अनूठा प्रयोग है। इस प्रोजेक्ट के प्रथम चरण में विश्वविद्यालय में कुल 163 अत्यन्त उच्च गुणवत्ता के कैमरे लगाए गए है। सभी प्रशासनिक भवनों, विश्वविद्यालय परिसर एवं छात्रावासों के मुख्य द्वार के साथ साथ अन्य आवश्यक एवं महत्वपूर्ण स्थानों पर कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी 24*7 निगरानी एक ही समय में नियंत्रण कक्ष से संचालित होती है। अधिकांश कैमरों में द्रव्य एवं घ्वनि दोनों की साथ साथ रिकार्डिंग सम्भव है। इनमें से वह कैमरे जो कि 80 मीटर से अधिक ऊॅंचाई पर लगे है, 5 किमी की रेडियस पर रिकार्डिंग करने में सक्षम हैं। यह प्रोजेक्ट विश्वविद्यालय में आई.टी.आई. लिमिटेड जो कि भारत सरकार का एक उपक्रम है के द्वारा क्रियान्वित गया है। इस अवसर पर सी.सी.टी.वी कैमरों कीे गुणवत्ता एवं दक्षता पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। सी.सी.टी.वी. प्रोजेक्ट के द्वितीय चरण एवं भविष्य के लिए तैयार रोडमैप पर भी चर्चा की गई। उद्घाटन समारोह के अवसर पर विश्वविद्यालय के संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष, शिक्षकगण, अधिकारीगण एवं आई.टी.आई. के भी अधिकारीगण मौजूद रहे। प्रो0 सुनीत द्विवेदी ने कार्यक्रम का संचालन किया जबकि डा0 राज कुमार आनन्द (नोडल अधिकारी, सी.सी.टी.वी. सर्विलांस सिस्टम) ने धन्यवाद ज्ञापन किया।.

निदेशक, सेंटर आॅफ मीडिया स्टडीज, इ0वि0वि0ः
इलाहाबाद। वर्तमान समय की पत्रकारिता पूंजी और मुनाफे के खेल में फंस कर रह गयी है। जाहिर है कि ऐसे समय में पत्रकारों की जिम्मेदारी बढ़ी है तो उनके सामने चुनौतियां भी बढ़ी हैं। ऐसे में पत्रकारिता के विद्यार्थियों को नई-नई तकनीकियों के साथ अपने समाज को सही ढंग से समझना जरूरी हो गया है। यह बात प्रख्यात पत्रकार व महात्मा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय के प्रो0 राम शरण जोशी ने कही। प्रो0 जोशी इलाहाबाद विश्वविद्यालय के सेण्टर आॅफ मीडिया स्टडीज के विद्यार्थियों को सम्बोधित कर रहे थे। बी0ए0ए बी0वोक0 व एम0वोक0 इन मीडिया स्ट्डीज के विद्यार्थियों के लिए "विशेषीकृत पत्रकारिता" विषय पर आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला के पहले दिन प्रो0 जोशी ने युद्ध और संसदीय रिपोर्टिंग का प्रशिक्षण दिया। 1971 के भारत-पकिस्तान युद्ध और बांग्लादेश के बनने के समय की रिपोर्टिंग के अपने अनुभवों को प्रोफेसर जोशी ने विद्यार्थियों के साथ साझा किया और कहा कि युद्ध का समय मीडिया के लिए जिम्मेदारी निभाने का समय होता है। उन्होंने  कहा कि पत्रकारों को लोकतंत्र और मानवाधिकारों की समझ होना अत्यन्त आवश्यक है। ऐसा होने पर ही हम संसदीय प्रणाली को अधिक पुख्ता कर सकते हैं।  प्रोफेसर जोशी ने कहा कि आज की टेलीविजन पत्रकारिता को "पेराई पत्रकारिता" कहना अधिक उचित होगा क्योंकि टेलीविजन में एक ही विषय को पकड़ कर कई दिनों तक भुनाया जाना पेराई से कम नहीं होता। प्रो0 जोशी ने विद्यार्थियों को नित नई जानकारियां प्राप्त करते रहने की सलाह दी और कहा कि जो पत्रकार अपने आप को बदलती दुनिया के साथ.साथ चलने के लिए तैयार नहीं करता वह हाशिए पर चला जाता है। इससे पूर्व सेण्टर आॅफ मीडिया स्टडीज के कोर्स कोआर्डिनेटर डा0 धनंजय चोपड़ा ने प्रो0 जोशी का स्वागत व उनका परिचय देते हुए बताया कि प्रो0 जोशी ने पत्रकारिता के विविध आयामों में सार्थक समय बिताया है साथ ही उनके पास पत्रकारिता शिक्षण का भी लम्बा अनुभव है। उन्होंने प्रो0 जोशी की पत्रकारीय यात्रा पत्रकारिता के बेहतर पाठ्यक्रम के तुल्य बताया। इस अवसर पर सेण्टर के सभी शिक्षक व विद्यार्थी उपस्थित रहे।