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University Placement Officer, AU
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Head, Department of Commerce, AU:
The Campus Recruitment of B.COM and M.COM Final year students of DEPARTMENT OF COMMERCE AND BUSINESS ADMINISTRATION UNIVERSITY OF ALLAHABAD has been organized by SVATANTRA MICROFIN PVT. LTD. on Tuesday, 7-12-2018 in the Department by Placement Cell of Allahabad University. Total 205 students got themselves registered for the said purpose.

 

Section officer, Research Section, AU:

  • The Viva-Voce of Mr./Ms. Prashant Joshi, candidate for the D.Phil. Degree of the University on the subject of his/her thesis titled as, “Gorkha Rule in Kumaon: A Historical Study (1790-1815 A.D.)” will be held on March 26, 2018 at 11:30 a.m. at the Department of History, A.U., Allahabad. The examination will be conducted by Prof. Malalbika Pande, and Prof. Heramb Chaturvedi. Members of the Academic Council are invited to attend but on T.A./D.A. will be paid.
  • The Viva-Voce of Mr./Ms. Savita, candidate for the D.Phil. Degree of the University on the subject of his/her thesis titled as, “Dynamics of Urbanization in Madhya Pradesh” will be held onMarch     21, 2018 at 11:00 a.m. at the Department of Geography, A.U., Allahabad. The examination will be conducted by Prof. R. K. Tiwari, and Prof. Manorma Singh. Members of the Academic Council are invited to attend but on T.A./D.A. will be paid.
  • The Viva-Voce of Mr./Ms. Anushree Srivastava, candidate for the D.Phil. Degree of the University on the subject of his/her thesis titled as, “Synthesis of Some Potentially Biodynamic Heterocyclic Compounds” will be held on March 05, 2018 at 11:00 a.m. at the Department of Chemistry, A.U., Allahabad. The examination will be conducted by Prof. R. N. Yadav, and Prof. I. R. Siddiqui. Members of the Academic Council are invited to attend but on T.A./D.A. will be paid.

 

कुलानुशासक, इ0वि0वि0ः
कुलानुशासक की सूचना के अनुसार होली के हुड़दंग को ध्यान में रखते हुए कल दिनांक 28 फरवरी 2018 दिन बुधवार को इलाहाबाद विश्वविद्यालय में शिक्षण कार्य स्थगित रहेगा
 
परीक्षा नियंत्रक, इ0वि0वि0ः
1. बी0एड0ए एम0एड0ए बी0वोकए एम0बी0ए0 (आर0डी0) बी0एफ0ए0, एम0पी0एड0 द्वितीय सेमेस्टर, सत्र 2016-17 की द्वितीय परीक्षा हेतु अर्ह छात्र/छात्राओं को सूचित किया जाता है कि वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत दिनांक 28 फरवरी से 16 मार्च, 2018 तक अपने आवेदन पत्र एवं शुल्क सम्बन्धित इकाई/विभागों में जमा करें।
2. बी0टेकद्ध (द्वितीय, चतुर्थ एवं छठा सेमेस्टर) सत्र 2016-17 की द्वितीय परीक्षा हेतु अर्ह छात्र/छात्राओं को सूचित किया जाता है कि वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत दिनांक 28 फरवरी से 16 मार्च 2018 तक अपने आवेदन पत्र एवं शुल्क सम्बन्धित विभाग/काई में जमा करें।
3. बी0सी0ए0, एम0सी0ए0, बी0ए0 इन मीडिया स्टडीज एवं बी0ए0 इन फैशन डिजाइन, द्वितीय एवं चतुर्थ सेमेस्टर, सत्र 2016-17 की द्वितीय परीक्षा हेतु अर्ह छात्र/छात्राओं को सूचित किया जाता है कि वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत दिनांक 28 फरवरी से 16 मार्च, 2018 तक अपने आवेदन पत्र एवं शुल्क सम्बन्धित इकाई/विभागों में जमा करें।
 
 
 
 
 
विभागाध्यक्ष, उर्दू विभाग, इ0वि0वि0ः
उर्दू विभाग, इलाहाबाद विश्वविद्यालय में केन्द्रीय सांस्कृतिक कमेटी द्वारा 'र सय्यद: चिंतन एवं दृष्टि' विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। स्वागत करते हुए प्रो0 शबनम हमीद ने, अध्यक्ष उर्दू विभाग ने कहा कि सर सय्यद पश्चिम सभ्यता से आई हुई आधुनिक शिक्षा को आवश्यक करार दिया और कहा कि सर सय्यद भारतीय संस्कृति का सम्मान करते हुए आधुनिक शिक्षा को प्राप्त करने के पक्षधर थे। उद्घाटन भाषण देते हुए डाॅ0 आफ़ताब अहमद आफ़की (बी0एच0यू0) ने सर सय्यद को महान समाज सुधारक एवं राष्ट्रीय एकता का अग्रणी चिंतक बताया। संगोष्ठी में प्रो0 अब्दुल कादिर जाफरी, डाॅ0 फाज़िल हाशमी एवं डाॅ0 अब्दुल मोहयी ने सर सय्यद के चिंतन के विभिन्न दृष्टिकोण पर अपने आलेख प्रस्तुत किये। अध्यक्षीय भाषण में प्रो0 याकूब यावर (बी0एच0यू0) ने सर सय्यद एवं दयानन्द सरस्वती के मिबवत सम्बंध पर विचार व्यक्त किया। समापन भाषण में कुलपति प्रो0 रतन लाल हाँगलू ने कहा कि सर सय्यद पाश्चात्य सभ्यता के अंध भक्त नहीं थे बल्कि उन्होंने नैतिकता पर भी बल दिया है। अगर सर सय्यद आंदोलन को स्वीकार किया गया होता तो बहुत सारी समस्याओं से बचा जा सकता था। प्रो0 राजेन्द्र कुमार ने कहा कि सर सय्यद अलगाववादी नहीं थे बल्कि हिंदू मुस्लिम एकता के प्रतीक थे। प्रो0 फात्मी ने 'र सय्यद और हम' आलेख के द्वारा सर सय्यद की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। मोहम्मद दानिश एवं डाॅ0 ज़फ़र उल्लाह अन्सारी ने अपनी ग़जलें पेश की। आखिर में प्रो0 अली अहमद फ़त्मी की पुस्तक 'र सय्यद और हम' का विमोचन हुआ। कार्यक्रम में प्रो0 नौशाबा सरदार, प्रो0 राम सेवक दुबे, डाॅ0 फ़खर अहमद मधनि, चैधरी इब्नुन-नसीर, डाॅ0 जैपुन्निसा, नीलोफ़र हफ़ीज़, डाॅ0 काशि़फ, डाॅ0 संजय कुमार, डाॅ0 नफ़ीस अब्दुल हकीम, शाहिद इलाहाबादी, वाकिफ़ अंसारी, डाॅ0 नौशाद, डाॅ0 अफ़ज़ल, डाॅ0 फ़रह हाशिम आदि उपस्थित रहे।