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                             गांधी: कल, आज और कल

 

 

गांधी हमारे लिए प्रवचन नहीं आचरण का विषय हैं, उक्त बातें दिनांक अक्टूबर 02, 2017 को पूर्वाह्न 10 बजे से गांधी विचार एवं शांति अध्ययन संस्थान के गांधी मण्डप में ‘‘गांधी: कल, आज और कल’’ विषय पर आयोजित विचार गोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि बोलते हुए इलाहाबाद केन्द्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 रतन लाल हाँगलू ने कहीं। उन्होने आगे कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपना निर्धारित कर्तव्य ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण से करे तो गांधी जी का यही सच्चा अनुकरण होगा। प्रो0 हाँगलू ने कहा कि जब व्यक्ति के विचार और कार्य व्यवहार में संगति नहीं होती है तभी सारी समस्याएं उत्पन्न होती है। गांधी को हमें अपने दैनिक व्यवहार और मानसिकता में सत्यता और लगन के साथ आत्मसात करने की जरूरत है। प्रो0 हाँगलू ने कहा कि भारत के नव-निर्माण में आज गांधी अपरिहार्य आवश्यकता बन गए हैं उन्हें हमें गंभीरता के साथ समझने की जरूरत है। संगोष्ठी में विषय प्रवर्तन करते हुए प्रख्यात इतिहासकार प्रो0 हेरम्ब चतुर्वेदी ने कहा कि गांधी ने सत्य और अहिंसा के दम पर भारत के स्वाधीनता संघर्ष को जनान्दोलन बना दिया।

 

 

 विचार गोष्ठी में स्वागत भाषण देते हुए संस्थान के निदेशक प्रो0 वी0 के0 राय ने कहा कि गांधी पर नौजवान पीढी को समग्रता के साथ अध्ययन करने की जरूरत है और संस्थान इसके लिए सतत प्रयास करेगा। संस्थान में विशिष्ट उदबोधन देते हुए न्यायमूर्ति गिरधर मालवीय ने गांधी के सपनों का भारत बनाने की बात कही। विचार - गोष्ठी में अध्यक्षीय वक्तव्य देते हुए कला संकाय के अधिष्ठाता प्रो0 के0 एस0 मिश्रा ने कहा कि गांधी हम सब के भीतर हैं बस उससे साक्षात्कार करने की जरूरत है। विचार गोष्ठी का संचालन डाॅ0 राजेश सिंह तथा धन्यवाद ज्ञापन डाॅ0 अविनाश कुमार श्रीवास्तव ने दिया। इसके पूर्व प्रारम्भ में मुख्य अतिथि सहित सभी ने गांधी प्रतिमा को माल्यार्पण किया। इस अवसर पर संस्थान के निदेशक ने कुलपति हाँगलू को सूत की माला भेंट की। विचार गोष्ठी में सर्व श्री प्रो0 मनमोहन कृष्ण, प्रो0 जटाशंकर, प्रो0 बी0 एन0 सिंह, प्रो0 राम सेवक दुबे, प्रो0 हर्ष कुमार, प्रो0 हरि शंकर उपाध्याय, प्रो0 प्रशान्त घोष, डाॅ0 शशीकान्त राय, डाॅ0 हरबंश सिंह, श्री नवीन सिंह, सुरक्षाधिकारी श्री अजय सिंह एवं श्री अमित सिंह इत्यादि उपस्थित रहे।